Follow Us:

हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने चार गुना बढ़ाया पंजीकरण शुल्क, लेट फीस भी 5 गुना हुई; अब 200 रुपये देने होंगे

हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 9वीं और 11वीं के पंजीकरण शुल्क को 50 से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया है

लेट फीस 100 से बढ़ाकर 500 रुपये की गई, 15 नवंबर के बाद बोर्ड अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होगी

नए नियम से दूसरे बोर्ड से माइग्रेट होकर 10वीं या 12वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी दोबारा पंजीकरण करवाना होगा


धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की है। बोर्ड ने 9वीं और 11वीं कक्षा में पंजीकरण करवाने वाले विद्यार्थियों की फीस चार गुना बढ़ा दी है। अब विद्यार्थियों को 50 रुपये के बजाय 200 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा।

बोर्ड ने इसके साथ ही लेट फीस में भी पांच गुना बढ़ोतरी की है। पहले 100 रुपये की लेट फीस निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

फीस में इस बढ़ोतरी से प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।

15 अक्टूबर तक जमा करनी होगी 200 रुपये फीस।

संशोधित नियमों के अनुसार 9वीं और 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 15 अक्टूबर तक अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिए उन्हें 200 रुपये पंजीकरण शुल्क के रूप में जमा करने होंगे।

यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित समय सीमा तक पंजीकरण नहीं करवाता है, तो उसे 15 नवंबर तक 500 रुपये लेट फीस के साथ पंजीकरण करवाने का मौका मिलेगा।

हालांकि 15 नवंबर के बाद पंजीकरण आवेदन या फीस सामान्य प्रक्रिया के तहत स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बाद पंजीकरण के लिए बोर्ड अध्यक्ष की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।

9वीं और 11वीं का पंजीकरण कब तक रहेगा मान्य।

नए नियमों के तहत 9वीं कक्षा से करवाया गया पंजीकरण मैट्रिक परीक्षा पूरी करने या पास करने तक वैध रहेगा।

इसी तरह 11वीं कक्षा का पंजीकरण 12वीं कक्षा की परीक्षा पूरी करने या पास करने तक मान्य रहेगा। इससे विद्यार्थियों के पंजीकरण की अवधि को उनकी संबंधित बोर्ड परीक्षा तक जोड़ा गया है।

दूसरे बोर्ड से आने वाले विद्यार्थियों को भी करना होगा पंजीकरण।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के नए नियमों का असर उन विद्यार्थियों पर भी पड़ेगा, जो अन्य शिक्षा बोर्डों से माइग्रेट होकर सीधे 10वीं या 12वीं कक्षा में प्रवेश लेते हैं।

ऐसे विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के साथ नए सिरे से पंजीकरण करवाना होगा। बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार उन्हें नए विद्यार्थी के तौर पर पंजीकृत किया जाएगा।

परीक्षा विनियम-1994 में संशोधन।

बोर्ड ने फीस में बढ़ोतरी का फैसला परीक्षा विनियम-1994 के अध्याय 18 के नियम 18.1 में संशोधन करते हुए लिया है।

संशोधित नियमों के तहत पंजीकरण शुल्क में चार गुना और लेट फीस में पांच गुना बढ़ोतरी की गई है। बोर्ड के इस फैसले से प्रदेशभर में 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।

ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखना होगा, ताकि लेट फीस का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और 15 नवंबर के बाद पंजीकरण के लिए अलग से अनुमति लेने की स्थिति न बने।